शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
शिव मंत्र
ॐ शक्तिधराय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपवेलायुधधारी
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
शक्ति (वेल्/भाला) धारण करने वाले भगवान को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
अजेय शक्ति और लक्ष्य-भेदन क्षमता
विस्तृत लाभ
अजेय शक्ति और लक्ष्य-भेदन क्षमता।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
मनसः काममाकूतिं वाचः सत्यमशीमहि। पशूनां रूपमन्नस्य मयि श्रीः श्रयतां यशः॥
मुनीन्द्रवृन्दवन्दिते त्रिलोकशोकहारिणि प्रसन्नवक्त्रपङ्कजे निकुञ्जभूविलासिनि। व्रजेन्द्रभानुनन्दिनि व्रजेन्द्रसूनुसङ्गते कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्षभाजनम्॥ मुनीन्द्र-वन्दिते (ऋषियों द्वारा वंदित)
ॐ नमो भगवते पंचवदनाय उत्तर मुखे। आदि वराहाय सकल संपत्कराय स्वाहा॥
मृगाधीशचर्माम्बरं मुण्डमालं। प्रियं शङ्करं सर्वनाथं भजामि॥
ॐ उग्रं वीरं महाविष्णुं ज्वलन्तं सर्वतोमुखम्। नृसिंहं भीषणं भद्रं मृत्युमृत्युं नमाम्यहम्॥
ॐ नित्यक्रीडाय नमः