शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
शिव मंत्र
ॐ श्रीनिवासाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिनके वक्षस्थल पर श्री (लक्ष्मी) का निवास है
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
अखंड लक्ष्मी और समृद्धि की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
अखंड लक्ष्मी और समृद्धि की प्राप्ति 77
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ प्रत्यक्षलक्ष्म्यै नमः
ॐ दिव्याय नमः
पाँचों त्रिशेम चलें, लांगुरिया सलार चलें। भीम की गदा चले, हनुमान की हाँक चले। नाहर की धाक चलै, नहीं चलै, तो हजरत सुलेमान के तखत की दुहाई है। एक लाख अस्सी हजार पीर व पैगम्बरों की दुहाई है। चलो मन्त्र, ईश्वर वाचा। गुरु का शब्द साँचा।
ॐ मृगपाणये नमः
ॐ जितामित्राय नमः
देवि प्रपन्नार्तिहरे प्रसीद प्रसीद मातर्जगतोऽखिलस्य। प्रसीद विश्वेश्वरि पाहि विश्वं त्वमीश्वरी देवि चराचरस्य॥ 18