शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
शिव मंत्र
ॐ सुभद्रापूर्वजाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-जप मन्त्र; ये मन्त्र वासुदेव, बाल-गोपाल, और द्वारकाधीश स्वरूपों का पूर्ण प्रतिनिधित्व करते हैं।
स्वरूपसुभद्रा-अग्रज
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
देवी सुभद्रा के बड़े भाई (पूर्वज) को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
भाई-बहन के प्रेम हेतु
विस्तृत लाभ
भाई-बहन के प्रेम हेतु
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ गोवर्धनधनप्रियायै नमः
ॐ वराहाय नमः
ॐ ह्रां ह्रीं ह्रूं ह्रैं ह्रौं ह्रः इति दिग्बन्धः॥
ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं महालक्ष्मि मम गृहे धनं पूरय पूरय स्वाहा।
ॐ नमो सिद्धिविनायकाय सर्वकार्यकर्त्रे सर्वविघ्नप्रशमनाय सर्वराज्यवश्यकरणाय सर्वजनसर्वस्त्रीपुरुषाकर्षणाय श्रीं ॐ स्वाहा ॥
ॐ सर्वशास्त्रवासिन्यै स्वाहैशान्यां सदाऽवतु। (अर्थ: सभी शास्त्रों में बसने वाली देवी ईशान कोण में रक्षा करें) 8