शिव मंत्र
ॐ स्वराजे नमः
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र से क्या होगा?
स्वतंत्रता और जीवन पर स्वयं का नियंत्रण
विस्तृत लाभ
स्वतंत्रता और जीवन पर स्वयं का नियंत्रण
जप काल
नाम जप।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ श्रीं ह्रीं ब्राह्म्यै स्वाहेति दन्तपङ्क्तीः सदाऽवतु। (स्वरूप: ब्राह्मी | लाभ: दाँतों और स्पष्ट वाचन-स्थान की रक्षा | अर्थ: ब्राह्मी देवी मेरी दंत-पंक्तियों की सदा रक्षा करें) 8
ॐ स्कन्दाय नमः
ॐ युक्ताय नमः
ॐ शुभप्रदायै नमः
ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं क्लीं श्रीं रां श्रीं ॐ राधायै स्वाहा ॐ
ख्फ्रेँ ख्फ्रीँ चण्डे चण्डचामुण्डे ह्रीँ हूँ स्त्रीँ छ्रीँ विच्चे घोरे महामदोन्मनि क्लीँ ब्लूँ गुह्येश्वरि ॐ परानिर्वाणे ब्रह्मरूपिणि ॐ फ्रेँ फ्रेँ सिद्धिकरालि आप्यायिनि नवपञ्चचक्रनिलये घोराट्टराविणि कलासहस्रनिवासिनि खँ खँ खँ ह्सौँ फ्रेँ अवर्णेश्वरि प्रकृत्यपर शिवनिर्वाणदे ख्फ्रेँ स्वाहा॥