शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
शिव मंत्र
ॐ तपस्विराजे नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र
स्वरूपतपस्वियों के राजा
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो बड़े-बड़े तपस्वियों में भी सबसे श्रेष्ठ और उनके राजा हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
तप शक्ति
विस्तृत लाभ
तप शक्ति
जप काल
साधना काल
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ हुं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट्॥
ॐ हुं हुं शत्रुस्तम्भनाय हुं हुं ॐ फट्
या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता। या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना॥ या ब्रह्माच्युतशंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा पूजिता। सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा॥
ॐ समुद्रतनयायै नमः
ॐ कामराजाय नमः।
ॐ ज्वलन्मुखाय नमः