ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

शिव मंत्र

उपैतु मां देवसखः कीर्तिश्च मणिना सह। प्रादुर्भूतोऽस्मि राष्ट्रेऽस्मिन् कीर्तिमृद्धिं ददातु मे॥

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारकीर्ति-ऋद्धि मंत्र
स्वरूपमहालक्ष्मी
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

देवसखा (कुबेर) और कीर्ति मणियों के साथ आएं। मैं इस राष्ट्र में उत्पन्न हुआ हूँ, मुझे यश और समृद्धि दें।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

ख्याति, मणि (रत्न) प्राप्ति

विस्तृत लाभ

ख्याति, मणि (रत्न) प्राप्ति।

जप काल

आभूषण धारण करते समय।

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