शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
शिव मंत्र
ॐ वरदहस्ताय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
स्वरूपवरद-हस्त
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
सदैव वरदान देने के लिए हाथ उठाए रखने वाले देव को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
ईश्वरीय कृपा और वरदान की अनवरत वर्षा
विस्तृत लाभ
ईश्वरीय कृपा और वरदान की अनवरत वर्षा।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र