वेल् मुरुगन जयघोष
वेल् वेल् वेत्रिवेल् मुरुगनुक्कु अरोहरा
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
विजय दिलाने वाले भाले (वेल्) को धारण करने वाले भगवान मुरुगन की जय हो।
इस मंत्र से क्या होगा?
संघर्षों में अदम्य साहस और अंतिम विजय
विस्तृत लाभ
संघर्षों में अदम्य साहस और अंतिम विजय।
जप काल
यात्रा से पूर्व या ताईपूसम पर सामूहिक उद्घोष।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ भूतात्मने नमः
ॐ राधाकृष्णभ्यां नमः
धृत पाशाङ्कुश कल्पलता स्वरदश्च बीजपूरयुतः । शशिशकल कलितमौली त्रिलोचनोऽरुणश्च गजवदनः ॥ भासुरभूषण दीप्तो बृहदुदर पद्म विष्टरोल्लसितः । विघ्नपयोधरपवनः करधृत कमलः सदास्तु भूत्यै ॥
ॐ नमो भगवते पंचवदनाय पश्चिम मुखे। गरुडाय सकल विष हरणाय स्वाहा॥
मखेश्वरि क्रियेश्वरि स्वधेश्वरि सुरेश्वरि त्रिवेदभारतीश्वरि प्रमाणशासनेश्वरि। रमेश्वरि क्षमेश्वरि प्रमोदकाननेश्वरि व्रजेश्वरि व्रजाधिपे श्रीराधिके नमोऽस्तु ते॥
ॐ कुलीनायै नमः