शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
शिव मंत्र
ॐ विश्वस्मै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो स्वयं संपूर्ण ब्रह्मांड स्वरूप हैं
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
सांसारिक कार्यों में पूर्णता
विस्तृत लाभ
सांसारिक कार्यों में पूर्णता 22
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
शङ्खेषु चाप कुसुमेषु कुठार पाश चक्राङ्कुशौ कलममञ्जरिका गदाद्यौ । पाणिस्थितैः परिसमाहित भूषणः श्री विघ्नेश्वरो विजयते तपनीयगौरः ॥
ॐ महानन्दाय नमः
ॐ वशीकराय नमः
क्षरं प्रधानममृताक्षरं हरः क्षरात्मानावीशते देव एकः। तस्याभिध्यानाद्योजनात्तत्त्वभावाद् भूयश्चान्ते विश्वमायानिवृत्तिः॥
ॐ कात्यायनाय विद्महे कन्याकुमारि धीमहि। तन्नो दुर्गा प्रचोदयात्॥
ॐ कपालचक्रवासिन्यै नमः