शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
शिव मंत्र
ॐ यदूद्वहाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-जप मन्त्र; ये मन्त्र वासुदेव, बाल-गोपाल, और द्वारकाधीश स्वरूपों का पूर्ण प्रतिनिधित्व करते हैं।
स्वरूपवंश-उद्धारक
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
यदुवंश का उद्धार करने वाले को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
पितृ-दोष शान्ति
विस्तृत लाभ
पितृ-दोष शान्ति
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ नवनिधिप्रदाय नमः
ॐ साधकप्राणायै नमः
ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ग्लौं गं गणपतये वर वरद सर्वजनं मे वशमानय स्वाहा ॥
आग्नेये रूरु भैरवाय नमः आग्नेये मां रक्ष रक्ष काल कंटकान् भक्ष भक्ष आवाहयाम्यहं इत्र तिष्ठ तिष्ठ हुं फट् स्वाहा।
ॐ वज्रदेहाय वज्राय नमः
नमस्ते शारदे देवि काश्मीरपुरवासिनि। त्वामहं प्रार्थये नित्यं विद्यादानं च देहि मे॥