शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
शिव मंत्र
यस्य स्मरणमात्रेण जन्मसंसारबन्धनात् विमुच्यते
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारस्मरण-मुक्ति श्लोक
स्वरूपमोक्षदाता विष्णु
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिनके मात्र स्मरण से ही जीव जन्म-मरण के सांसारिक बंधन से मुक्त हो जाता है, उन प्रभु विष्णु को नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
जन्म और मरण के सांसारिक बंधनों से स्थायी मोक्ष की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
जन्म और मरण के सांसारिक बंधनों से स्थायी मोक्ष की प्राप्ति 63।
जप काल
मृत्यु शय्या पर या वैराग्य की तीव्र इच्छा होने पर।
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