शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
शिव मंत्र
ॐ योगिहृत्पद्मवासाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपध्यान स्वरूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो महान योगियों के हृदय रूपी कमल में वास करते हैं, उन्हें नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
हृदय चक्र (Anahata Chakra) का जागरण
02
ध्यान के दौरान प्रभु के साक्षात् दर्शन
विस्तृत लाभ
हृदय चक्र (Anahata Chakra) का जागरण; ध्यान के दौरान प्रभु के साक्षात् दर्शन।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये हिरण्यगर्भः तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
ॐ अनेकनेत्राय नमः।
ॐ श्रीं ह्रीं ब्राह्म्यै स्वाहेति दन्तपङ्क्तीः सदाऽवतु। (स्वरूप: ब्राह्मी | लाभ: दाँतों और स्पष्ट वाचन-स्थान की रक्षा | अर्थ: ब्राह्मी देवी मेरी दंत-पंक्तियों की सदा रक्षा करें) 8
ॐ परमेश्वराय नमः
ॐ कष्टहर्त्र्यै नमः
ॐ दुर्गदैत्यलोकदवानलायै नमः