शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
विष्णु मंत्र
ॐ आदिरूपायै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारसहस्रनाम जप मंत्र;
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो चराचर जगत का मूल (आदि) स्वरूप हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
जीवन के मूल सत्य का ज्ञान
विस्तृत लाभ
जीवन के मूल सत्य का ज्ञान।
जप काल
तुलसी या कमलगट्टे की माला पर जप;
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ॐ पुण्डरीकशुभावहाय नमः
रामोऽद्रिकूटेष्वथ विप्रवासे सानुजोऽव्याद् भरताग्रजो माम्
पवन तनय बल पवन समाना। बुधि बिबेक बिग्यान निधाना॥
रक्षांसि यत्रोग्रविषाश्च नागा यत्रारयो दस्युबलानि यत्र। दावानलो यत्र तथाब्धिमध्ये तत्र स्थिता त्वं परिपासि विश्वम्॥
ॐ सर्वगाय नमः
ॐ हौं जूं सः ॐ भूर्भुवः स्वः ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात् ॐ स्वः भुवः भूः ॐ सः जूं हौं ॐ॥