शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
विष्णु मंत्र
ॐ अमेयात्मने नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिनकी महिमा और रूपों की कोई सीमा नहीं
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
सर्वत्र और हर परिस्थिति में सहायता
विस्तृत लाभ
सर्वत्र और हर परिस्थिति में सहायता 82
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ क्लीं ऐं नमो भगवते रघुनन्दनाय रक्षोघ्न विषधाय मधुरप्रसन्न-वदनाय अमिततेजसे बलाय रामाय विष्णवे नमः क्लीं ऐं ॐ
बालार्कारुणकान्तिर्वामे बालां वहन् अङ्के । लसदिन्दीवर हस्तं गौराङ्गीं रत्नशोभाढ्याम् ॥ दक्षे अङ्कुश वरदानं वामे पाशं च पायसं पात्रम् । नीलांशुक समान पीठपद्मारुणे तिष्ठन् संकटहरणः पायात् ॥
ॐ कृपाधारायै नमः
ॐ महीपालाय नमः
अयं यः सृञ्जये पुरो दैववाते समिध्यते । द्युमाँ अमित्रदम्भनः ॥
ॐ श्रीमती नेत्रयुगलं पातु।