शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
विष्णु मंत्र
ॐ बालदोलाशयशयाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारयुगल-नाम मन्त्र; ये मन्त्र गोलोक धाम के अधिष्ठाता श्री राधा-कृष्ण के संयुक्त लीला-माधुर्य का प्रतिनिधित्व करते हैं।
स्वरूपबाल-कृष्ण
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
बाल्यकाल में पालने (दोल) में शयन करने वाले को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
अनिद्रा दूर करने हेतु
विस्तृत लाभ
अनिद्रा दूर करने हेतु
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ अग्रगामिने नमः
ॐ धीरोदात्ताय नमः
अन्तर्बहिश्च तत्सर्वं व्याप्य नारायणः स्थितः
ॐ क्रियायै नमः
ॐ ऐं श्रीं ह्रीं क्लीं नमः।
देवीं सरस्वतीं सरस्वतीं देवीं देवीं सरस्वतीं वाजेभिर्वाजेभिस्सरस्वतीं देवीं देवीं सरस्वतीं वाजेभिः॥ सरस्वतीं वाजेभिर्वाजेभिस्सरस्वतीं सरस्वतीं वाजेभिर्वाजिनीवतीं वाजिनीवतीं वाजेभिस्सरस्वतीं सरस्वतीं वाजेभिर्वाजिनीवतीं॥ वाजेभिर्वाजिनीवतीं वाजिनीवतीं वाजेभिर्वाजेभिर्वाजिनीवतीं। वाजिनीवतीति वाजिनी-वती॥