शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
विष्णु मंत्र
ॐ भगवते नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारविशिष्ट सहस्रनाम-मंत्र (Specific Sahasranama Mantras)
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो षड-ऐश्वर्य (ज्ञान, बल, यश, वीर्य, श्री, वैराग्य) से परिपूर्ण भगवान हैं।
जप काल
रुद्राक्ष माला से मंगलवार का उपवास रखते हुए अभीष्ट सिद्धि हेतु।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
योगारूढो योगपट्टाभिरामः बालार्कभाश्च नीलांगशुकः । पाशेक्ष्वाक्षान् योगदण्डं दधानः पायान्नित्यं योगविघ्नेश्वरः नः ॥
जो महान तपस्वी महर्षि जमदग्नि के पुत्र हैं, उन्हें नमस्कार। (लाभ: पितृ-दोष शांति) 19।
ॐ ह्रीं बटुकाय मम भूत भविष्यं दर्शय दर्शय बटुकाय ह्रीं ॐ स्वाहा।
ॐ कुलमार्गप्रदर्शिन्यै नमः
ॐ मायायै नमः
ॐ प्राज्ञाय नमः