शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
विष्णु मंत्र
ॐ भक्तरक्तपायै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारसहस्रनाम स्तोत्र मंत्र (दशमहाविद्या)
स्वरूपदशमहाविद्या काली / करालवदना काली
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो (प्रतीकात्मक रूप से) भक्तों के 'रक्त' अर्थात् उनके अहंकार, आसक्ति और रजोगुण का पान कर उन्हें शुद्ध करती हैं 34।
जप काल
देवी की मूर्ति, यंत्र या चित्र के सम्मुख 'ककारादि सहस्रार्चन' विधि द्वारा।
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