ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

विष्णु मंत्र

दयासुदृष्टिं कुरुतां मयि श्रीः! सुवर्णदृष्टिं कुरु मे गृहे श्रीः॥

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारसुवर्ण दृष्टि मंत्र (श्लोक 16)
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

हे श्री! मुझ पर अपनी दया की दृष्टि करें, और मेरे घर पर स्वर्ण की दृष्टि (धनवर्षा) करें 14।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

घर में स्वर्ण की वर्षा और शांति

विस्तृत लाभ

घर में स्वर्ण की वर्षा और शांति।

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