शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
विष्णु मंत्र
ॐ दुरन्ताय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपअनंत स्वरूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिनका पार पाना या जिनके अंत तक पहुँचना असंभव (दुरंत) है, उन्हें नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
विरोधियों द्वारा साधक की गहराई या शक्ति का अनुमान न लगा पाना
02
अजेयता
विस्तृत लाभ
विरोधियों द्वारा साधक की गहराई या शक्ति का अनुमान न लगा पाना; अजेयता।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ महासिद्ध्यै नमः
ॐ मणिभूषणायै नमः
ॐ तत्त्वज्ञानप्रदाय नमः
तडित्सुवर्णचम्पकप्रदीप्तगौरविग्रहे मुखप्रभापरास्तकोटिशारदेन्दुमण्डले। विचित्रचित्रसञ्चरच्चकोरशावलोचने कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्षभाजनम्॥
ॐ वन्दनाप्रियाय नमः
ॐ कराल-वदनां घोरां मुक्त-केशीं चतुर्भुजाम्। कालिकां दक्षिणां दिव्यां मुण्ड-माला विभूषिताम्। सद्यः-छिन्न-शिरः-खड्ग-वामाधोर्ध्व-कराम्बुजाम्। अभयं वरदञ्चैव दक्षिणोर्ध्वाधः-पाणिकाम्॥