शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
नजर दोष निवारण मंत्र
ॐ ह्रीं बटुकाय मम नज़र दोष निवारणं कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं ॐ स्वाहा।
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारबाल-रक्षा मंत्र
स्वरूपबटुक भैरव
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
हे बटुक, नजर दोष का निवारण करें।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
बुरी नज़र से रक्षा
विस्तृत लाभ
बुरी नज़र से रक्षा।
जप काल
भस्म अभिमंत्रित करके लगाने की विधि 11।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ महामायिने नमः
श्री राम शरणं मम्
ॐ शृतं मे मा प्रहासीः अनेनाधीतेनाहोरात्रान्सन्दधामि ऋतं वदिष्यामि सत्यं वदिष्यामि। तन्मामवतु तद्वक्तारमवतु अवतु मामवतु वक्तारमवतु वक्तारम्। ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः॥
सद्योजातं प्रपद्यामि सद्योजाताय वै नमो नमः। भवे भवे नातिभवे भवस्व मां भवोद्भवाय नमः॥
ॐ ऐं ह्रीं श्रीं त्रिपुरसुन्दर्यै नमः॥
भयार्तस्वजनत्राणतत्परं धर्मतत्परम्। गतगर्वप्रियं शूरं जमदग्निसुतुं मतम्॥