जया दुर्गा (अर्गला) विजय मंत्र
ॐ जयन्ती मङ्गला काली भद्रकाली कपालिनी। दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तुते॥
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
इस मंत्र का अर्थ
जयंती, मंगला, काली, भद्रकाली, कपालिनी, दुर्गा, क्षमा, शिवा, धात्री, स्वाहा और स्वधा नामों से प्रसिद्ध हे जगदम्बे! आपको मेरा नमस्कार है 17।
इस मंत्र से क्या होगा?
जीवन के हर क्षेत्र में विजय, पापों का शमन, उत्तम स्वास्थ्य और अकाल मृत्यु से पूर्ण रक्षा
विस्तृत लाभ
जीवन के हर क्षेत्र में विजय, पापों का शमन, उत्तम स्वास्थ्य और अकाल मृत्यु से पूर्ण रक्षा 30।
जप काल
विशेष साधना, दुर्गा पूजा के आरंभ में पुष्पांजलि के समय।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ मेधा देवी जुषमाणा न आगाद्विश्वाची भद्रा सुमनस्यमाना। त्वया जुष्टा नुदमाना दुरुक्तान बृहद्वदेम विदथे सुवीराः॥
ॐ शिखण्डिकृतकेतनाय नमः
ॐ अशोकायै नमः
ॐ वामनरूपाय नमः
यं ब्रह्मा वरुणेन्द्ररुद्रमरुतः स्तुन्वन्ति दिव्यैः स्तवैः वेदैः साङ्गपदक्रमोपनिषदैः गायन्ति यं सामगाः । ध्यानावस्थिततद्गतेन मनसा पश्यन्ति यं योगिनो यस्यान्तं न विदुः सुरासुरगणा देवाय तस्मै नमः ॥
राम कथा सुंदर कर तारी। संसय बिहग उड़ावनिहारी॥