शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
विष्णु मंत्र
जीवातुश्च मे दीर्घायुत्वं च मेऽनमित्रं च मेऽभयं च मे...
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
टिप्पणी
मुझे दीर्घायु, शत्रुओं का अभाव और निर्भयता प्राप्त हो
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ ह्रीं विद्यास्वरूपायै स्वाहा मे पातु नाभिकाम्। (स्वरूप: विद्यास्वरूपा | लाभ: नाभि, मणिपूर चक्र और नाद के उद्गम स्थान 'पश्यन्ती' वाक् की रक्षा | अर्थ: विद्यास्वरूपा मेरी नाभि की रक्षा करें) 8
ॐ हिरण्मय्यै नमः
ॐ निवृत्तात्मने नमः
भानुकोटिभास्वरं भवाब्धितारकं परं नीलकण्ठमीप्सितार्थदायकं त्रिलोचनम्।
ॐ कुञ्जरासुरभञ्जनाय नमः
ॐ अशोकायै नमः