शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
विष्णु मंत्र
ॐ कंसप्रध्वंसकारिणे नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपकृष्ण स्वरूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो श्रीकृष्ण के रूप में आततायी कंस का ध्वंस करने वाले हैं, उन्हें नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
धोखेबाज़, अत्याचारी और छल-कपट करने वाले गुप्त शत्रुओं के षड्यंत्र का नाश
विस्तृत लाभ
धोखेबाज़, अत्याचारी और छल-कपट करने वाले गुप्त शत्रुओं के षड्यंत्र का नाश।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ब्रह्ममुरारिसुरार्चितलिङ्गं निर्मलभासितशोभितलिङ्गम्। जन्मजदुःखविनाशकलिङ्गं तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम्॥
ॐ वामनाय नमः
ॐ सत्यभामायै नमः
ॐ कलिपूज्यायै नमः
ॐ वागधिष्ठातृदेव्यै सर्वाङ्गं मे सदाऽवतु। (स्वरूप: वागधिष्ठात्री | लाभ: संपूर्ण शरीर की आध्यात्मिक और भौतिक रक्षा | अर्थ: वाक् की अधिष्ठात्री देवी मेरे संपूर्ण अंगों की रक्षा करें) 8
ॐ करुणायै नमः