शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
विष्णु मंत्र
ॐ कोमलाङ्ग्यै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
प्रकारसहस्रनाम जप मंत्र;
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिनके अंग अत्यंत कोमल हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
कठोरता का नाश और स्वभाव में कोमलता
विस्तृत लाभ
कठोरता का नाश और स्वभाव में कोमलता।
जप काल
तुलसी या कमलगट्टे की माला पर जप;
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ धीरोदात्ताय नमः
अमरिडर थीर अमराम् पुरिन्थाकुमरन आदि नेञ्जे कुरि
स्वस्ति श्रीगणनायको गजमुखो मोरेश्वरः सिद्धिदः बल्लाळस्तु विनायकस्तथा मढे चिन्तामणिस्थेवर । लेण्याद्रौ गिरिजात्मजः सुवरदो विघ्नेश्वरश्चोझरे ग्रामे रांजणसंस्थितो गणपतिः कुर्यात् सदा मङ्गलम् ॥
ॐ विमलायै नमः
ॐ कबन्धासनधारिण्यै नमः
सर्वाननशिरोग्रीवः सर्वभूतगुहाशयः। सर्वव्यापी स भगवांस्तस्मात् सर्वगतः शिवः॥