शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
विष्णु मंत्र
ॐ क्षमायै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
अपराधों को क्षमा करने वाली करुणामयी देवी को नमन।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ श्रुतिरूपायै नमः
ॐ गुह्यं मे पातु गुह्यानां मन्त्राणां गुह्यरूपधृक्
ॐ हृदयं विजया तथा।
पूरो मंत्र ईश्वरों वाचा ओम हनुमत वेदर वेग वेग आओ अमुक बंधी को बंधन से छुड़ाओ भेड़ी तोड़ो ताला तोड़ो बंधन धन तोड़ो मोडा अमुक बंधी को बंधन से छुड़ाओ मेरी भक्ति गुरु की शक्ति। पूरो मंत्र ईश्वरों वाचा।
ॐ त्रिकूटस्थायै नमः
ॐ ब्राह्मणप्रियाय नमः