शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
विष्णु मंत्र
ॐ महासारस्वतावृताय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपज्ञान-आवेष्टित
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
महान सारस्वत (ज्ञान और वाग्मिता) से घिरे देव को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
वाक्-सिद्धि और प्रखर भाषण कला
विस्तृत लाभ
वाक्-सिद्धि और प्रखर भाषण कला।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं ऐं मनसा देव्यै स्वाहा।
ॐ त्रैलोक्यवन्ध्याय नमः।
ॐ श्रीकृष्णमहिष्यै नमः
ॐ संसारभयतः पातु मृत्योर्मृत्युर्-नृकेसरी
ॐ गणानां त्वा गणपतिं हवामहे कविं कवीनामुपमश्रवस्तमम् । ज्येष्ठराजं ब्रह्मणां ब्रह्मणस्पत आ नः शृण्वन्नूतिभिः सीद सादनम् ॥
ब्रह्ममुरारिसुरार्चितलिङ्गं निर्मलभासितशोभितलिङ्गम्। जन्मजदुःखविनाशकलिङ्गं तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम्॥