ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

विष्णु मंत्र

नमो नमस्तुभ्यम् असह्यवेग-शक्तित्रयायाखिल-धीगुणाय

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारगजेन्द्र मोक्ष (इंद्रिय-निग्रह मंत्र)
स्वरूपत्रिशक्ति-नियंता
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

मैं उन भगवान को नमन करता हूँ जिनकी त्रिविध शक्ति अत्यंत तीव्र है और जो शरणागतों की अजेय रक्षा करते हैं।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

तीनों गुणों (सत्त्व, रज, तम) पर विजय और अनियंत्रित इंद्रियों पर अंकुश

विस्तृत लाभ

तीनों गुणों (सत्त्व, रज, तम) पर विजय और अनियंत्रित इंद्रियों पर अंकुश 58।

जप काल

ध्यान और वैराग्य प्राप्ति हेतु एकांत में।

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