शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
विष्णु मंत्र
ॐ नियमाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
परम अनुशासन स्वरूप
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
जीवन में नियम और संयम की स्थापना
विस्तृत लाभ
जीवन में नियम और संयम की स्थापना 21
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
श्री राधे शरणं मम
ॐ महाविष्णवे नमः
ॐ ह्रां ह्रीं ॐ नमो भगवते महा-वीर-वीराय सर्वदुःख निवारणाय ग्रहमण्डल सर्वभूतमण्डल सर्व-पिशाच-मण्डलोच्चाटन भूत-ज्वर एकाहिक-ज्वर द्वयाहिक-ज्वर त्र्याहिक-ज्वर चातुर्थिक-ज्वर संताप-ज्वर विषम-ज्वर ताप-ज्वर माहेश्वर-वैष्णव-ज्वरान् छिन्दि-छिन्दि यक्ष ब्रह्मराक्षस भूत-प्रेत-पिशाचान् उच्चाटय-उच्चाटय स्वाहा।
ॐ रसज्ञाय नमः
ॐ ह्रीं क्लीं वाण्यै स्वाहेति मम पृष्ठं सदाऽवतु। (स्वरूप: वाणी | लाभ: पीठ और मेरुदंड की रक्षा | अर्थ: वाणी मेरी पीठ की सदा रक्षा करें) 8
ॐ शिखवाहिन्यै नमः