शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
विष्णु मंत्र
ॐ पद्मावत्यै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
प्रकारशतनाम मंत्र |
स्वरूपआदिशक्ति भवानी |
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
कमलों से सुशोभित देवी
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
सर्वांगीण विकास एवं दरिद्रता नाश)
विस्तृत लाभ
सर्वांगीण विकास एवं दरिद्रता नाश)
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ रौद्राय नमः
ॐ सर्वदेवनिषेवितायै नमः
ॐ नमो भगवते संहार भैरवाय भूत प्रेत पिशाच ब्रह्म राक्षसान् उच्चाटय उच्चाटय संहारय संहारय सर्व भय छेदनं कुरु कुरु स्वाहा।
राजमातां राजलक्ष्मीं राजेष्टफलदायिनीम्। प्रत्यङ्गिरां नमस्यामि सिद्धिलक्ष्मीजयप्रदां॥
ॐ दैत्यकुलान्तकाय नमः
हरिद्रां चतुर्बाहुं हरिद्रावदनं प्रभुम् । पाशाङ्कुशधरं देवं मोदकं दन्तमेव च ॥ भक्ताभयप्रदातारं वन्दे विघ्नविनाशनम् ॥