शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
विष्णु मंत्र
ॐ परायणाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र
स्वरूपसर्वोच्च आश्रय
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो भक्तों और ज्ञानियों के अंतिम आश्रय स्थान (परायण) हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
शरणागति
विस्तृत लाभ
शरणागति
जप काल
दुःख के समय
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ वेदान्तसाराय नमः
ॐ पारिजातद्रुमूलस्थाय नमः
देवीं सरस्वतीं सरस्वतीं देवीं देवीं सरस्वतीं वाजेभिर्वाजेभिस्सरस्वतीं देवीं देवीं सरस्वतीं वाजेभिः॥ सरस्वतीं वाजेभिर्वाजेभिस्सरस्वतीं सरस्वतीं वाजेभिर्वाजिनीवतीं वाजिनीवतीं वाजेभिस्सरस्वतीं सरस्वतीं वाजेभिर्वाजिनीवतीं॥ वाजेभिर्वाजिनीवतीं वाजिनीवतीं वाजेभिर्वाजेभिर्वाजिनीवतीं। वाजिनीवतीति वाजिनी-वती॥
ॐ विधात्रे नमः
ॐ क्लीं वीं रूं ध्रूं घ्नीं ह्रीं बटुक भैरवाय नमः स्वाहा।
ॐ वामदेवाय नमः