शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
विष्णु मंत्र
शङ्खेषु चाप कुसुमेषु कुठार पाश चक्राङ्कुशौ कलममञ्जरिका गदाद्यौ । पाणिस्थितैः परिसमाहित भूषणः श्री विघ्नेश्वरो विजयते तपनीयगौरः ॥
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
कृषि, भूमि संबंधित कार्यों में सफलता और सांसारिक बाधा निवारण
विस्तृत लाभ
कृषि, भूमि संबंधित कार्यों में सफलता और सांसारिक बाधा निवारण।
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