शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
विष्णु मंत्र
ॐ शान्ताय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपशांत-चित्त
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
मानसिक शांति और अगाध स्थिरता से परिपूर्ण भगवान को नमन।
जप काल
नित्य प्रातः काल, लाल आसन पर बैठकर रुद्राक्ष या लाल चंदन की माला से 108 नामों का क्रमशः उच्चारण करते हुए पुष्प अर्पित करें।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
बालग्रहाभिभूतानां बालानां शान्तिकारकम्। सङ्घातभेदे च नृणां मैत्रीकरणमुत्तमम्॥ 17
ॐ अशेषगोपीमण्डलपूजितायै नमः
ॐ जामदग्न्याय विद्महे महावीराय धीमहि तन्नो परशुरामः प्रचोदयात्।
ॐ मूलाधारनिवासिने नमः
ॐ तारिकायै नमः / ॐ ह्रीं
सभासु वदतां श्रेष्ठो राज्ञां भवति च प्रियः। वैदिकं तान्त्रिकं चैव मान्त्रिकं ज्ञानमुत्तमम्॥