शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
विष्णु मंत्र
ॐ श्रीदामप्रियाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारयुगल-नाम मन्त्र; ये मन्त्र गोलोक धाम के अधिष्ठाता श्री राधा-कृष्ण के संयुक्त लीला-माधुर्य का प्रतिनिधित्व करते हैं।
स्वरूपमित्र-वत्सल
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
अपने सखा श्रीदाम (सुदामा) के प्रिय भगवान को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
दरिद्रता नाश
विस्तृत लाभ
दरिद्रता नाश
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ दाशरथाय विद्महे सीतावल्लभाय धीमहि तन्नो रामः प्रचोदयात्
कवचस्यास्य जापी तु ब्रह्मज्ञानं च विन्दति। इत्येतदुक्तं कवचं मया हैहयविद्विषः॥
शान्तिकर्मणि सर्वत्र तथा दुःस्वप्नदर्शने। ग्रहपीडासु चोग्रासु माहात्म्यं शृणुयान्मम॥ 17
ॐ क्लीं कृष्णाय नमः
ॐ अशोकवनिकाच्छेत्रे नमः
नमामीशमीशान निर्वाणरूपं। विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्॥