भार्गव कवच (श्री आकर्षण)
श्रियमाक्रष्टुकामानामिदं कवचमुत्तमम्। स जामदग्न्यकवचं नित्यमावर्तयेन्नरः॥
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
जो लोग लक्ष्मी (श्री) को अपनी ओर आकर्षित करना चाहते हैं, उनके लिए यह उत्तम कवच है। मनुष्यों को नित्य इस जामदग्न्य-कवच का आवृत्ति-सहित पाठ करना चाहिए।
इस मंत्र से क्या होगा?
धन, संपत्ति (श्री) और ऐश्वर्य का प्रबल आकर्षण
विस्तृत लाभ
धन, संपत्ति (श्री) और ऐश्वर्य का प्रबल आकर्षण।
जप काल
शुक्रवार या अक्षय तृतीया के दिन विशेष पाठ।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
अट्टहासभिन्नपद्मजाण्डकोशसन्ततिं दृष्टिपातनष्टपापजालमुग्रशासनम्।
ॐ ऐं क्लीं सौः।
ॐ ह्रीं क्ष्रौं श्रीं लक्ष्मी नृसिंहाय नमः।
करस्थ कदली चूत पनसेक्षुक मोदकम्। बालसूर्य प्रभाकारं वन्देऽहं बालगाणपतिम्॥
ॐ सर्वे वै देवा देवीमुपतस्थुः कासि त्वं महादेवीति। साब्रवीत्- अहं ब्रह्मस्वरूपिणी। मत्तः प्रकृतिपुरुषात्मकं जगत्। शून्यं चाशून्यं च॥
ॐ गोपीगृहाङ्गणरतये नमः