शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
विष्णु मंत्र
ॐ तपस्विराजे नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र
स्वरूपतपस्वियों के राजा
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो बड़े-बड़े तपस्वियों में भी सबसे श्रेष्ठ और उनके राजा हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
तप शक्ति
विस्तृत लाभ
तप शक्ति
जप काल
साधना काल
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ब्रह्ममुरारिसुरार्चितलिङ्गं निर्मलभासितशोभितलिङ्गम्। जन्मजदुःखविनाशकलिङ्गं तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम्॥
सुवर्णमालिकाञ्चितत्रिरेखकम्बुकण्ठगे त्रिसूत्रमङ्गलीगुणत्रिरत्नदीप्तिदीधिते। सलोलनीलकुन्तलप्रसूनगुच्छगुम्फिते कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्षभाजनम्॥
ॐ कस्तूरीभोजनप्रीतायै नमः
ॐ सहस्रार हुं फट् नमः
ॐ वकाररूपाय नमः
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये दशावतारात्मा तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः