शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
विष्णु मंत्र
त्वमेव माता च पिता त्वमेव, त्वमेव बन्धुश्च सखा त्वमेव
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारपूर्ण समर्पण मंत्र
स्वरूपसर्व-संबंधी भगवान
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
हे देवों के देव! आप ही मेरी माता, पिता, बंधु, सखा, विद्या और धन हैं; आप ही मेरे सर्वस्व हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
भगवान के प्रति पूर्ण शरणागति और सांसारिक संबंधों की आसक्ति से मुक्ति
विस्तृत लाभ
भगवान के प्रति पूर्ण शरणागति और सांसारिक संबंधों की आसक्ति से मुक्ति 10।
जप काल
पूजा या आरती के अंत में समर्पण भाव से।
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