शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
विष्णु मंत्र
ॐ उन्मत्ताय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपप्रेम-उन्मत्त
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो अपने भक्तों के प्रेम में उन्मत्त (सुध-बुध खोने वाले) हो जाते हैं, उन्हें नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
भगवान के प्रति प्रेमाभक्ति की सर्वोच्च अवस्था
02
भाव-समाधि की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
भगवान के प्रति प्रेमाभक्ति की सर्वोच्च अवस्था; भाव-समाधि की प्राप्ति।
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