शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
विष्णु मंत्र
ॐ यादवेन्द्राय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-जप मन्त्र; ये मन्त्र वासुदेव, बाल-गोपाल, और द्वारकाधीश स्वरूपों का पूर्ण प्रतिनिधित्व करते हैं।
स्वरूपयादव-कुल-तिलक
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
यादवों के इन्द्र (राजा) को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
नेतृत्व क्षमता हेतु
विस्तृत लाभ
नेतृत्व क्षमता हेतु
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ऐमित्येकाक्षरो मन्त्रो मम कण्ठं सदाऽवतु। (स्वरूप: एकाक्षरी बीज | लाभ: कंठ, स्वर-तंत्र और विशुद्धि चक्र की रक्षा, संगीतकारों के लिए अति उत्तम | अर्थ: 'ऐं' रूपी एकाक्षर मन्त्र मेरे कंठ की सदा रक्षा करे) 8
ॐ माधवाय नमः
न्व्लीं (Nvlīm)
कात्यायनि महामाये महायोगिन्यधीश्वरि। नन्दगोपसुतं देवि पतिं मे कुरु ते नमः॥
ॐ दुर्धर्षाय नमः
ॐ सनातनाय नमः