विष्णु मंत्र
यस्य स्मरणमात्रेण जन्मसंसारबन्धनात् विमुच्यते
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
जिनके मात्र स्मरण से ही जीव जन्म-मरण के सांसारिक बंधन से मुक्त हो जाता है, उन प्रभु विष्णु को नमस्कार है।
इस मंत्र से क्या होगा?
जन्म और मरण के सांसारिक बंधनों से स्थायी मोक्ष की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
जन्म और मरण के सांसारिक बंधनों से स्थायी मोक्ष की प्राप्ति 63।
जप काल
मृत्यु शय्या पर या वैराग्य की तीव्र इच्छा होने पर।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ ह्रः ॐ सौं ॐ वैं ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्रीजयजय चण्डिकायै नमः। ॐ स्वीं स्वीं विध्वंसय विध्वंसय ॐ प्लूं प्लूं प्लावय प्लावय... (अति विस्तृत तांत्रिक शृंखला)... ॐ चामुण्डायै विच्चे स्वाहा। मम सकल मनोरथं देहि देहि, सर्वोपद्रवं निवारय निवारय... भञ्जय भञ्जय ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं स्वाहा॥
ॐ श्रीं क्लीं श्रीं नमः॥
ॐ रसाय नमः
ॐ कुलपद्मिन्यै नमः
ॐ वकाररूपाय नमः
ॐ कपालकोटिनिलयायै नमः