ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
माता अदिति का गूढ़ मंत्र: भाग्य और जीवन दिशा बदलने का उपाय !
अदिति

माता अदिति का गूढ़ मंत्र: भाग्य और जीवन दिशा बदलने

📿 पौराणिक•1 मिनट पढ़ें
अंतिम अपडेट: 19 मई 2025
तुरंत उत्तर

ऋग्वेद में वर्णित अदिति देवी का यह गूढ़ मंत्र नक्षत्र दोष, मानसिक क्लेश और जीवन के बंधनों से मुक्ति दिलाता है।

ज्ञान-सार

अगर पूरा पोस्ट नहीं पढ़ना चाहते, तो यह सारांश पढ़ें — इससे आपको सटीक जानकारी मिलेगी।

क्लिक करते ही लेख के सबसे महत्वपूर्ण बिंदु एक साफ, छोटे और भरोसेमंद सार में दिखेंगे।

WhatsApp
अदिति देवी मंत्र

अदिति देवी मंत्र

(वैदिक, मातृ शक्ति एवं सर्वदेव प्रतीक)

मंत्र

मंत्र: ॐ अदितिद्योरदितिरन्तरिक्षमदिति र्माता: स पिता स पुत्र: विश्वेदेवा अदिति: पंचजना अदितिर्जातम अदितिर्रजनित्वम। ॐ आदित्याय नम:।

देवता

अदिति (देवताओं की माता, पृथ्वी, प्रकृति, बंधनहीनता और स्वतंत्रता की देवी)।

स्रोत

यह मंत्र ऋग्वेद में पाया जाता है और पुनर्वसु नक्षत्र से सम्बंधित है।

प्रयोजन

पुनर्वसु नक्षत्र की ऊर्जा को सशक्त बनाना, ज्योतिषीय बाधाओं से मुक्ति, मातृ शक्ति का आवाहन, सृष्टि की सभी शक्तियों से आशीर्वाद प्राप्ति, पापों से मुक्ति, तथा सर्वकल्याण। इस मंत्र का 31000 बार जप करने का विधान है ।

विधि

ज्योतिषीय साधनाओं में नक्षत्र शांति और अदिति देवी की कृपा प्राप्ति हेतु इसका जप किया जाता है।

महत्व

अदिति वैदिक pantheon की अत्यंत महत्वपूर्ण और प्राचीन देवी हैं, जिन्हें देवमाता और पृथ्वी का स्वरूप भी माना गया है। वेदों में उनकी स्तुति में अनेक मंत्र हैं। यह विशिष्ट मंत्र उनकी सर्वव्यापकता और मातृशक्ति को दर्शाता है । यद्यपि अदिति का नाम शास्त्रों में वर्णित है, तथापि उनके विशिष्ट मंत्र और उपासना विधियां आज सामान्य रूप से कम ही ज्ञात हैं, विशेषकर नक्षत्र ज्योतिष के संदर्भ में।

लेख को संदर्भ सहित पढ़ें

माता अदिति का गूढ़ मंत्र: भाग्य और जीवन दिशा बदलने पर आगे क्या समझना जरूरी है

माता अदिति का गूढ़ मंत्र: भाग्य और जीवन दिशा बदलने के विषय में इस लेख का मूल संकेत यह है: ऋग्वेद में वर्णित अदिति देवी का यह गूढ़ मंत्र नक्षत्र दोष, मानसिक क्लेश और जीवन के बंधनों से मुक्ति दिलाता है।

अदिति श्रेणी के लेख आम तौर पर महत्व, विधि, समय, शास्त्रीय आधार और सावधानियों को अलग-अलग हिस्सों में खोलते हैं. Durga संग्रह के दूसरे लेख यही पृष्ठभूमि और गहरी करते हैं।

अदिति, माता, मंत्र जैसे जुड़े विषय आगे पढ़ने से यह समझ आता है कि विषय का व्यवहारिक उपयोग क्या है, किन परिस्थितियों में नियम बदलते हैं और किस जानकारी को प्राथमिकता देनी चाहिए।

•

अदिति के और लेख पढ़कर इस विषय की पृष्ठभूमि पूरी करें।

•

इसी विषय के 5 प्रश्न आपके व्यावहारिक संदेह साफ कर सकते हैं।

•

नीचे दिए गए 12 संबंधित लेख इस पेज को आगे बढ़ाते हैं।

❓ इस विषय के 5 प्रश्न

लोक

आदित्य किसके पुत्र माने गए हैं?

आदित्य महर्षि कश्यप और अदिति के 12 पुत्र माने गए हैं।

जीवन एवं मृत्यु

पापी को कौन दंड देता है?

पापी को दंड देते हैं — यमराज (न्यायकर्ता), चित्रगुप्त (लेखाकार), श्रवण-श्रवणियाँ (गुप्तचर) और यमदूत (दंड-देने वाले)। दार्शनिक स्तर पर — कर्म स्वयं ही दंड लेकर आता है।

जीवन एवं मृत्यु

जीव यमदूतों को देखकर मल-मूत्र क्यों त्याग देता है?

गरुड़ पुराण के अनुसार पापी जीव यमदूतों के अत्यधिक भय से मल-मूत्र त्याग देता है। यह उस जीव के अधोमार्ग से प्राण-निर्गमन का संकेत है और पाप के पतनकारी अंत का प्रतीक है। जीवन का अहंकार मृत्यु में हीनता बन जाता है।

जीवन एवं मृत्यु

प्रेत को कौन त्याग देता है?

प्रेत को त्याग देते हैं — स्वयं का स्थूल शरीर, परिवार-मित्र-धन-पद सब यहीं छूट जाते हैं। 'केवल कर्म साथ जाते हैं।' यममार्ग पर जीव पूर्णतः एकाकी है — यही गरुड़ पुराण का संदेश है।

जीवन एवं मृत्यु

यमदूतों का काला स्वरूप क्या संकेत देता है?

यमदूतों का काला रंग अज्ञान, पाप और अंधकार का प्रतीक है। यह पापकर्मों के परिणाम की दिशा को इंगित करता है। विष्णुदूत प्रकाशमान होते हैं — यह प्रकाश-अंधकार का, पुण्य-पाप का स्पष्ट विभेद है।

📚 इसे भी पढ़ें

माँ मातंगी साधना: 7 दिनों में अचूक वाक् सिद्धि प्राप्त करने की गुप्त विधि और सिद्ध मंत्र
मातंगी

माँ मातंगी साधना: 7 दिनों में अचूक वाक् सिद्धि प्राप्त करने की गुप्त विधि और सिद्ध मंत्र

श्मशान काली शाबर मंत्र: शत्रु-प्रेत नाशक, सिद्ध ताली साधना !
काली

श्मशान काली शाबर मंत्र: शत्रु-प्रेत नाशक, सिद्ध ताली साधना !

महाकाली साधना: 21 दिन में शत्रु-नाश और काल-भय से मुक्ति!
काली

महाकाली साधना: 21 दिन में शत्रु-नाश और काल-भय से मुक्ति!

माँ तारा महासाधना:मंत्र से वाक् सिद्धि और मोक्ष !
तारा

माँ तारा महासाधना:मंत्र से वाक् सिद्धि और मोक्ष !

माँ भुवनेश्वरी साधना: 30 दिनों में 'ऐश्वर्य' और कामना-सिद्धि (मंत्र) !
महाविद्या

माँ भुवनेश्वरी साधना: 30 दिनों में 'ऐश्वर्य' और कामना-सिद्धि (मंत्र) !

त्रिपुर भैरवी साधना: 'बंदीछोड़' मंत्र और बंधन-मुक्ति का विधान !
महाविद्या

त्रिपुर भैरवी साधना: 'बंदीछोड़' मंत्र और बंधन-मुक्ति का विधान !

माँ छिन्नमस्ता साधना: शत्रु-नाश, कुंडलिनी और 'अनिवार्य सावधानियां' !
छिन्नमस्ता

माँ छिन्नमस्ता साधना: शत्रु-नाश, कुंडलिनी और 'अनिवार्य सावधानियां' !

देवी महामाया: त्रिदेवों की आराध्य और 10 महाविद्याओं की जननी !
महामाया

देवी महामाया: त्रिदेवों की आराध्य और 10 महाविद्याओं की जननी !

लक्ष्मी जी के 108 नाम: अपार धन और सुख-समृद्धि का 'महामंत्र'!
लक्ष्मी

लक्ष्मी जी के 108 नाम: अपार धन और सुख-समृद्धि का 'महामंत्र'!

वीरभद्र मंत्र: 7 मिनट में डर, बाधा व नकारात्मकता का नाश !
वीरभद्र

वीरभद्र मंत्र: 7 मिनट में डर, बाधा व नकारात्मकता का नाश !

दुर्गा शाबर मंत्र: धन, नौकरी व व्यापार सिद्धि (अचूक उपाय) !
दुर्गा

दुर्गा शाबर मंत्र: धन, नौकरी व व्यापार सिद्धि (अचूक उपाय) !

दीपावली लक्ष्मी साधना: सुख-समृद्धि हेतु सिद्ध शाबर मंत्र (विधि) !
लक्ष्मी

दीपावली लक्ष्मी साधना: सुख-समृद्धि हेतु सिद्ध शाबर मंत्र (विधि) !