ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
सबारिमाला अयप्पा मंदिर 16 सितंबर से पाँच दिवसीय मासिक पूजा के लिए खुलेगा, सहस्रकलासम और कालभभिषेकम होंगे विशेष आकर्षण
अयप्पा

सबारिमाला अयप्पा मंदिर 16 सितंबर से पाँच दिवसीय मासिक

📿 पौराणिक•2 मिनट पढ़ें
अंतिम अपडेट: 19 सितंबर 2025
तुरंत उत्तर

सबारिमाला मंदिर मासिक पूजा के लिए खुलेगा सबारिमाला: मासिक पूजा के लिए मंदिर खुलेगा सबारिमाला: 16 सितंबर से पाँच दिन की मासिक पूजा के लिए मंदिर खुलेगा पठानमथिट्टा (केरल), 15 सितंबर 2025। केरल का प्रसिद्ध सबारिमाला अयप्पा मंदिर इस माह की मासिक पूजा के लिए 16 सितंबर शाम 5 बजे से अपने द्वार श्रद्धालुओं के...

ज्ञान-सार

अगर पूरा पोस्ट नहीं पढ़ना चाहते, तो यह सारांश पढ़ें — इससे आपको सटीक जानकारी मिलेगी।

क्लिक करते ही लेख के सबसे महत्वपूर्ण बिंदु एक साफ, छोटे और भरोसेमंद सार में दिखेंगे।

WhatsApp
सबारिमाला: मासिक पूजा के लिए मंदिर खुलेगा

सबारिमाला: 16 सितंबर से पाँच दिन की मासिक पूजा के लिए मंदिर खुलेगा

केरल का प्रसिद्ध सबारिमाला अयप्पा मंदिर इस माह की मासिक पूजा के लिए 16 सितंबर शाम 5 बजे से अपने द्वार श्रद्धालुओं के लिए खोलेगा। मंदिर प्राधिकरणों ने बताया कि पूजा-अनुष्ठानों का यह सिलसिला पाँच दिनों तक चलेगा और 21 सितंबर 2025 को बंदीपूजा के साथ इसका समापन होगा।

ऑनलाइन आरक्षण और सीमित प्रवेश

पिछले कुछ वर्षों से कोविड-19 महामारी के बाद लागू नियमों के अनुसार, श्रद्धालुओं के लिए ऑनलाइन बुकिंग अनिवार्य रहेगी। हालांकि, सीमित संख्या में स्पॉट पास भी उपलब्ध कराए जाएंगे ताकि जो लोग अचानक यात्रा करना चाहें, वे भी दर्शन का लाभ उठा सकें। अधिकारी मानते हैं कि इससे भीड़-नियंत्रण और तीर्थयात्रियों की सुरक्षा दोनों सुनिश्चित होंगे।

विशेष अनुष्ठान

मंदिर के मुख्य पुजारी (तनत्री) के अनुसार, इस पाँच दिवसीय पूजा अवधि में कई प्रमुख अनुष्ठान संपन्न होंगे। इनमें सबसे महत्वपूर्ण हैं—

  • सहस्रकलासम (हज़ार कलशों से विशेष अभिषेक)
  • कालभभिषेकम (विशेष प्रार्थना एवं अभिषेक)

ये दोनों अनुष्ठान 16 सितंबर को ही आरंभ होंगे और पूरे पूजा काल में प्रमुख स्थान पर रहेंगे।

प्रशासनिक तैयारियाँ

केरल पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने भीड़ नियंत्रण, सफाई और तीर्थमार्ग सुरक्षा के लिए विशेष इंतज़ाम किए हैं। Travancore Devaswom Board ने थलसेवन सेवकों और पुलिस बल को मिलाकर तीर्थयात्रियों की आवाजाही को सुचारु बनाने की योजना बनाई है।

श्रद्धालुओं में उत्साह

लंबे अंतराल के बाद होने वाली इस मासिक पूजा के लिए भक्तों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। ऑनलाइन बुकिंग पोर्टल पर बड़ी संख्या में पंजीकरण किए जा चुके हैं। स्थानीय व्यापारी समुदाय और तीर्थपथ से जुड़े लोगों का कहना है कि मासिक पूजा के दिन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होते हैं बल्कि इनसे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलती है।

समापन

21 सितंबर को मंदिर बंदीपूजा के बाद फिर से बंद हो जाएगा और अगली मासिक पूजा की तैयारी शुरू होगी। धार्मिक विशेषज्ञों के अनुसार, सबारिमाला की मासिक पूजा भक्तों को यह स्मरण कराती है कि भगवान अयप्पा की कृपा केवल वार्षिक मकरविलक्कु तीर्थयात्रा तक सीमित नहीं, बल्कि हर महीने विशेष अवसरों पर उपलब्ध होती है।

❓ इस विषय के 5 प्रश्न

तीर्थ स्थल

सबरीमाला मंदिर दर्शन विधान?

केरल — अयप्पा (हरिहरपुत्र)। 41 दिन कठोर व्रत अनिवार्य, नीले/काले वस्त्र, इरुमुडी। 'स्वामिये शरणम् अयप्पा'। मकरज्योति (जनवरी)। नवंबर-जनवरी खुला। 18 सीढ़ियाँ।

मंदिर नियम

मंदिर में काले वस्त्र पहनकर जाना अशुभ है क्या?

काले वस्त्र: अधिकांश मंदिरों में अनुशंसित नहीं (तमोगुण, शोक प्रतीक)। अपवाद: शनि मंदिर (शुभ), शबरीमला (अनिवार्य), काली/भैरव मंदिर (स्वीकार्य)। व्यावहारिक: अन्य रंग उपलब्ध हों तो बचें, परंतु भक्ति-भाव = रंग से अधिक महत्वपूर्ण। सर्वश्रेष्ठ: सफेद/पीला/लाल।

पितृ पक्ष

पितृ पक्ष क्या है?

पितृ पक्ष = पितरों को समर्पित 16 दिवसीय अवधि। भाद्रपद शुक्ल पूर्णिमा से आश्विन कृष्ण अमावस्या (सर्वपितृ अमावस्या) तक। 'महालय' भी कहते हैं। इस काल में पितर वायु रूप में दक्षिण दिशा से घर आते हैं और तर्पण-अन्न की प्रतीक्षा करते हैं।

शिव पूजा नियम

शिव मंदिर में महिलाओं को मासिक धर्म में जाना चाहिए या नहीं?

पारंपरिक: वर्जित (शुद्धि नियम, विश्राम)। शैव: स्त्री-पुरुष भेद नहीं। आधुनिक: व्यक्तिगत निर्णय। घर पर मानसिक पूजा/जप कर सकती हैं। शिव = आशुतोष — भक्ति भाव से नहीं रोकते। किसी को बाध्य/अपमानित न करें।

पूजा विधि

कालसर्प शांति पूजा कब करनी चाहिए?

कालसर्प शांति पूजा नाग पंचमी, शिवरात्रि या मासिक शिवरात्रि पर करें। तीर्थ में करनी हो तो नाग पंचमी या महाशिवरात्रि; पितृदोष के लिए अमावस्या पर करें।

📚 इसे भी पढ़ें

त्रिपुरासुंदरी साधना: 'क ए ई ल ह्रीं' मंत्र और कुंडलिनी जागरण !
त्रिपुर सुंदरी

त्रिपुरासुंदरी साधना: 'क ए ई ल ह्रीं' मंत्र और कुंडलिनी जागरण !

विद्याशंकर मंदिर (श्रृंगेरी): 12 राशियों वाले खंभों का 'खगोलीय रहस्य'!
मंदिर

विद्याशंकर मंदिर (श्रृंगेरी): 12 राशियों वाले खंभों का 'खगोलीय रहस्य'!

कामाख्या मंदिर: रजस्वला देवी, रक्तवर्ण जल और तांत्रिक रहस्य !
कामाख्या

कामाख्या मंदिर: रजस्वला देवी, रक्तवर्ण जल और तांत्रिक रहस्य !

सोमनाथ मंदिर: 17 आक्रमण, हवा में झूलता शिवलिंग और अद्भुत इतिहास !
महादेव

सोमनाथ मंदिर: 17 आक्रमण, हवा में झूलता शिवलिंग और अद्भुत इतिहास !

ज्वाला देवी: बिना तेल की ज्योति, अकबर की हार और रहस्य !
सती

ज्वाला देवी: बिना तेल की ज्योति, अकबर की हार और रहस्य !

लेपाक्षी मंदिर: हवा में लटका खंभा, रहस्य और अद्भुत वास्तुकला !
वीरभद्र

लेपाक्षी मंदिर: हवा में लटका खंभा, रहस्य और अद्भुत वास्तुकला !

गुलाबेश्वर महादेव: बाबा 'बोलता राम' और इस शिव मंदिर का रहस्य!
मंदिर

गुलाबेश्वर महादेव: बाबा 'बोलता राम' और इस शिव मंदिर का रहस्य!

महोबा का राहिलिया सूर्य मंदिर: बुंदेलखंड का 'खोया हुआ' कोणार्क !
मंदिर

महोबा का राहिलिया सूर्य मंदिर: बुंदेलखंड का 'खोया हुआ' कोणार्क !

नंदी अवतार: कान में मनोकामना और शिव वाहन बनने की कथा !
शिव

नंदी अवतार: कान में मनोकामना और शिव वाहन बनने की कथा !

लिंगराज मंदिर: जहाँ एक ही लिंग में बसते हैं 'शिव और विष्णु' (हरिहर)!
हरिहर

लिंगराज मंदिर: जहाँ एक ही लिंग में बसते हैं 'शिव और विष्णु' (हरिहर)!

माँ मुंडेश्वरी मंदिर: जहाँ होती है बकरे की 'रक्तहीन बलि' !
मुंडेश्वरी

माँ मुंडेश्वरी मंदिर: जहाँ होती है बकरे की 'रक्तहीन बलि' !

करणी माता मंदिर: 25,000 चूहे, सफेद चूहा और अद्भुत रहस्य !
माता

करणी माता मंदिर: 25,000 चूहे, सफेद चूहा और अद्भुत रहस्य !