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7 दिन में भूमि और स्वर्ण प्राप्ति: शारदातिलक का गुप्त वाराह कवच !
वाराह

7 दिन में भूमि और स्वर्ण प्राप्ति

📿 पौराणिक•1 मिनट पढ़ें
अंतिम अपडेट: 24 मई 2025
तुरंत उत्तर

ॐ नमो भगवते वाराहरूपाय… इस मंत्र का जप और विशेष होम विधि साधक को संपत्ति, प्रतिष्ठा और भूमि विवाद से मुक्ति दिला सकती है – शारदातिलक तंत्र से प्रमाणित!

ज्ञान-सार

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शारदातिलक का वाराह मंत्र

शारदातिलक का वाराह मंत्र (33 अक्षर):

मंत्र:

ॐ नमो भगवते वाराहरूपाय भूर्भुवः स्वः स्यात्पते भूपतित्वं देह्यते ददापय स्वाहा।

स्रोत:

शारदातिलक (एक प्रतिष्ठित तंत्र ग्रन्थ)।

देवता:

भगवान् वराह।

फलश्रुति:

इस मंत्र का 100000 बार जप करने से सिद्धि प्राप्त होती है। इसके पश्चात् दशांश होम करना चाहिए। साधक को अपार धन एवं भूमि की प्राप्ति होती है और वह जीवन भर समृद्ध रहता है। जब सूर्य सिंह राशि में हो और शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि हो, तब इस मंत्र का दस हजार जप करने से शत्रु बाधा का निवारण होता है और न्यायालयीन प्रकरणों में विजय मिलती है। अमलतास की लकड़ी से तीन सौ आहुतियाँ देने से सर्व संपत्ति एवं स्वर्ण की प्राप्ति होती है। प्रतिदिन चावलों की एक सौ आठ आहुतियाँ देने से साधक प्रसिद्धि और लोकप्रियता प्राप्त करता है। 8 दिन तक इस मंत्र की 1008 आहुतियाँ देने से स्वर्ण की प्राप्ति होती है। शहद और धान से मिश्रित आहुतियाँ देने से मनोवांछित पत्नी की प्राप्ति होती है। इस मंत्र से भूमि संबंधी विवाद समाप्त होते हैं और साधक को अपना घर प्राप्त होता है।

विधि:

इस मंत्र का जप ऊर्जित (अभिमंत्रित) मूंगा माला से करना चाहिए। पीठ पर विष्णु का पूजन भी निर्दिष्ट है।

❓ इस विषय के 5 प्रश्न

अवतारवाद

वराह अवतार की कथा और महत्व क्या है?

वराह अवतार: हिरण्याक्ष ने पृथ्वी को पाताल में डुबोया → भगवान ने सूअर (वराह) का रूप लेकर पृथ्वी का उद्धार किया। प्रतीक: पूर्ण रूप से थलचर पशु का विकास।

लोक

वराह अवतार का रूप कैसा था?

वराह अवतार सौ योजन चौड़ा, दो सौ योजन ऊँचा, नीले पर्वत जैसा, तीक्ष्ण दांतों और सूर्य-अग्नि समान तेज वाला था।

पुराण ज्ञान

वराह पुराण में पृथ्वी की उत्पत्ति कथा

वराह पुराण की मुख्य कथा है — हिरण्याक्ष ने पृथ्वी को समुद्र में छिपा दिया था। भगवान विष्णु ने ब्रह्माजी की नासिका से वराह रूप में प्रकट होकर हिरण्याक्ष का वध किया और पृथ्वी को अपने दाँतों पर धारण कर यथास्थान स्थापित किया।

लोक

वराह अवतार कैसे हुआ?

पृथ्वी को जल से उठाने के लिए भगवान विष्णु वराह रूप में प्रकट हुए।

लोक

वराह अवतार और आदिनाद का क्या संबंध है?

वराह अवतार आदिनाद की सक्रिय, साकार और पृथ्वी-उद्धारक शक्ति है।

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