विस्तृत उत्तर
अघोर शिव का ध्यान करने से रुद्र के दिव्य लोक की प्राप्ति बताई गई है। पाठ में पहले योगसम्पन्न महात्माओं का वर्णन है, जो मन से शिव का ध्यानयोग करके महेश्वर के निर्विकार, निर्गुण, विश्वरूप और ऐश्वर्यमय स्थान में प्रविष्ट हुए। फिर कहा गया है कि इसी प्रकार जो अन्य मनीषी इस योग के द्वारा महादेव का ध्यान करते हैं, वे अविनाशी भगवान् रुद्र के दिव्य लोक को प्राप्त होते हैं।
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