📖
विस्तृत उत्तर
अजा प्रकृति विश्व को धारण करनेवाली शैवी शक्ति कही गई है। अव्यक्त से लेकर महत्तत्त्व और स्थूल पंचमहाभूत तक सम्पूर्ण जगत् उसके अधीन बताया गया है। वह रजोगुण, सत्त्वगुण और तमोगुण से युक्त होकर बहुविध प्रजाओं की उत्पत्ति करती है। परमेश्वर से अधिष्ठित वही अजा अनन्त ब्रह्माण्डों की उत्पत्तिकर्त्री कही गई है।
📜
शास्त्रीय स्रोत
श्रीलिङ्गमहापुराण, पूर्वभाग, अध्याय 3, PDF पृष्ठ 21-22, श्लोक 12-14
🔗
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक
इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें
क्या यह उत्तर सहायक था?





