ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
📿
धर्म-संबंधी शंका हो? शास्त्रों में उत्तर है।
पौराणिक प्रश्नोत्तरी — वेद, पुराण और तंत्र-शास्त्रों से प्रमाणित उत्तर, सरल हिंदी में
सभी प्रश्न देखें →
प्रणव रूप📜 श्रीलिङ्गमहापुराण, पूर्वभाग, अध्याय 18, PDF पृष्ठ 83, श्लोक 1-2⏱ 1 मिनट पठन

अकार, उकार, मकार क्या हैं?

अंतिम अपडेट: 30 मई 2026
संक्षिप्त उत्तर

अकार को परमात्मा, उकार को आदिदेव विद्यादेह और मकार को परमात्मा शिव कहा गया है।

📖

विस्तृत उत्तर

अकार, उकार और मकार प्रणवरूप रुद्र की स्तुति में आए तीन रूप हैं। विष्णु पहले अद्वितीय और नाशरहित प्रणवरूप रुद्र को नमस्कार करते हैं। फिर अकाररूप परमात्मा को नमस्कार करते हैं। उकाररूप आदिदेव विद्यादेह को भी प्रणाम करते हैं। तीसरे मकाररूप परमात्मा शिव को नमस्कार करते हैं। उसी क्रम में सूर्य, अग्नि और चन्द्र वर्ण वाले रुद्र तथा यजमानरूप महादेव को भी नमस्कार किया गया है।

📜
शास्त्रीय स्रोत
श्रीलिङ्गमहापुराण, पूर्वभाग, अध्याय 18, PDF पृष्ठ 83, श्लोक 1-2
उत्तर को थोड़ा और स्पष्ट करें

अकार, उकार, मकार क्या हैं को संदर्भ सहित समझें

अकार, उकार, मकार क्या हैं का सबसे सीधा सार यह है: अकार को परमात्मा, उकार को आदिदेव विद्यादेह और मकार को परमात्मा शिव कहा गया है।

प्रणव रूप जैसे विषयों में यह देखना जरूरी होता है कि बात किस परिस्थिति में लागू होती है, किन नियमों के साथ मान्य होती है और व्यवहार में इसका सही अर्थ क्या निकलता है. उपलब्ध स्रोत श्रीलिङ्गमहापुराण, पूर्वभाग, अध्याय 18, PDF पृष्ठ 83, श्लोक 1-2 इस दिशा को मजबूत आधार देता है।

इसी विषय पर 5 संबंधित प्रश्न और 6 विस्तृत लेख भी उपलब्ध हैं। इसलिए इस उत्तर को शुरुआती निष्कर्ष मानें और नीचे दिए गए अगले पन्नों से पूरा संदर्भ जोड़ें।

•

उत्तर का शास्त्रीय आधार देखने के लिए श्रीलिङ्गमहापुराण, पूर्वभाग, अध्याय 18, PDF पृष्ठ 83, श्लोक 1-2 के उल्लेख को ध्यान से पढ़ें।

•

प्रणव रूप श्रेणी के दूसरे प्रश्न इस उत्तर की सीमा और उपयोग दोनों स्पष्ट करते हैं।

•

यदि विस्तृत विधि या पृष्ठभूमि चाहिए, तो नीचे दिए गए लेख पहले खोलें।

प्रणव रूप प्रश्नोत्तर
🔗

आगे क्या पढ़ें

प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी लिंक

इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें
WhatsApp
क्या यह उत्तर सहायक था?

🏷 सम्बंधित विषय

अकारउकारमकारप्रणवरुद्रशिवश्रीलिङ्गमहापुराणपूर्वभाग अध्याय 18
📚

विस्तार से पढ़ें

इस विषय पर हमारे विस्तृत लेख और मार्गदर्शिकाएँ

अकार, उकार, मकार क्या हैं — शास्त्रों के अनुसार

पौराणिक पर आपको प्रणव रूप से जुड़े प्रमाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। यह उत्तर श्रीलिङ्गमहापुराण, पूर्वभाग, अध्याय 18, PDF पृष्ठ 83, श्लोक 1-2 पर आधारित है। अन्य प्रश्नों के लिए प्रश्नोत्तरी पृष्ठ देखें।

🙏 पूजा विधि📿 मंत्र जाप🔱 शिव पूजा🏠 वास्तु💭 सपनों का मतलब🪐 ज्योतिष

इसी विषय पर और प्रश्नोत्तर

टैग द्वारा खोजें:#अकार#उकार#मकार#प्रणव#रुद्र#शिव#श्रीलिङ्गमहापुराण#पूर्वभाग अध्याय 18