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विस्तृत उत्तर
असितांग भैरव गायत्री मंत्र इस प्रकार है:
ॐ ज्ञानदेवाय विद्महे विद्या राजाय धीमहि। तन्नो असिताङ्ग भैरव प्रचोदयात्
यह मंत्र ज्ञान और एकाग्रता में वृद्धि करता है, जो साधना की सफलता के लिए अत्यंत आवश्यक है।
स्रोत: तांत्रिक गायत्री परंपरा (रुद्रयामल खंड के अंतर्गत)।
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