विस्तृत उत्तर
शास्त्रों के अनुसार बेलपत्र केवल सूर्योदय के बाद ही तोड़ना चाहिए और पूरी डालियाँ नहीं, केवल पत्तियाँ तोड़नी चाहिए। इसे तोड़ते समय यह विनती मंत्र बोलना चाहिए: 'अमृतोद्भव श्रीवृक्ष महादेवप्रियः सदा। गृहणामि तव पत्रानि शिवपूजार्थमादरात॥'।
बेलपत्र सूरज निकलने के बाद ही तोड़ना चाहिए और डाली नहीं तोड़नी चाहिए। तोड़ते समय मंत्र पढ़ना चाहिए: 'अमृतोद्भव श्रीवृक्ष महादेवप्रियः सदा...'।
शास्त्रों के अनुसार बेलपत्र केवल सूर्योदय के बाद ही तोड़ना चाहिए और पूरी डालियाँ नहीं, केवल पत्तियाँ तोड़नी चाहिए। इसे तोड़ते समय यह विनती मंत्र बोलना चाहिए: 'अमृतोद्भव श्रीवृक्ष महादेवप्रियः सदा। गृहणामि तव पत्रानि शिवपूजार्थमादरात॥'।
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