विस्तृत उत्तर
भागवत हवन में गृहस्थ श्रोता को दशम स्कंध का एक-एक श्लोक पढ़कर आहुति देनी चाहिए। आहुति की सामग्री में खीर, मधु, घृत, तिल और अन्न आदि का उल्लेख है। यह हवन कर्म-शांति के लिये कथा के बाद किया जाता है। यदि कोई इस प्रकार हवन करे, तो हवन का संबंध सीधे भागवत के दशम स्कंध से जुड़ता है। साथ ही गायत्री मंत्र से हवन का विकल्प भी दिया गया है, क्योंकि यह महापुराण तत्वतः गायत्रीस्वरूप कहा गया है। इसलिए हवन में सामग्री की पवित्रता, मंत्र, श्लोक-पाठ और श्रद्धा सब साथ रहते हैं। यदि हवन करने की शक्ति न हो, तो हवन सामग्री दान करने का विकल्प आगे बताया गया है।
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक





