विस्तृत उत्तर
ब्रह्मा विष्णु की नाभि से अत्यन्त सूक्ष्म रूप धारण करके बाहर आए। विष्णु ने इन्द्रियद्वारों को बंद कर लिया था। जब ब्रह्मा ने सभी द्वार बंद देखे, तब उन्होंने बहुत सूक्ष्म रूप लिया, नाभि में मार्ग पाया और कमलनाल के सहारे कमल से स्वयं को बाहर निकाला। फिर पद्मगर्भ के समान कान्तिवाले, जगद्योनि, स्वयम्भू ब्रह्मा कमल के ऊपर शोभित हुए। बाद में ब्रह्मा विष्णु से कहते हैं कि वे अपने तेज के प्रभाव से विवेकपूर्वक सूक्ष्म रूप धारण करके विष्णु के नाभि-स्थल से कमलनाल के सहारे बाहर आए।
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