विस्तृत उत्तर
हाँ। फलश्रुति (श्लोक 10) स्पष्ट रूप से यह वचन देती है:
भगवान चन्द्रशेखर अपने भक्त को बिना किसी विशेष परिश्रम के (अयत्नतः) अंत में मुक्ति प्रदान करते हैं।
यह परम फल केवल उन्हीं भक्तों को मिलता है जो श्रद्धा और सात्त्विक भावना के साथ शिव की शरण में रहते हैं।





